सरकारी निर्माण कार्य ठप होने के कगार पर — सरकार और अफसरशाही की नाकामी उजागर।रायपुर में कल अहम बैठक...

सरकारी निर्माण कार्य ठप होने के कगार पर — सरकार और अफसरशाही की नाकामी उजागर।रायपुर में कल अहम बैठक...

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी निर्माण कार्य आज पूरी तरह संकट में हैं, और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह सरकार की लापरवाही और अफसरशाही की मनमानी मानी जा रही है। डामर और टाइल्स की भारी किल्लत के चलते सड़कों से लेकर सरकारी भवनों तक के काम ठप होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।

वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। टेंडर स्वीकृति के बाद निर्माण सामग्री के दाम 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए, लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारी मौन बैठे रहे।

ठेकेदारों को मजबूर किया जा रहा है काम बंद करने पर

डामर, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये प्रति टन थी, अब 84 हजार रुपये तक पहुंच गई है। टाइल्स उत्पादन भी गैस की कमी के कारण प्रभावित है। ऐसे में ठेकेदारों के सामने काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

ईएनसी की भूमिका पर गंभीर सवाल

लोक निर्माण विभाग के ईएनसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि वे जानबूझकर ठेकेदारों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनाए रखना चाहते हैं, ताकि उनकी अपनी नाकामियां छिपी रहें। ठेकेदारों की समस्याओं को शासन तक नहीं पहुंचाना उनकी कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

10 अप्रैल को निर्णायक बैठक

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने 10 अप्रैल को रायपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेशभर के ठेकेदार शामिल होंगे और निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करने जैसे बड़े और कठोर निर्णय लिए जा सकते हैं।

विकास कार्यों पर संकट

राजधानी सहित पूरे प्रदेश में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य चल रहे हैं, जो अब ठप होने की कगार पर हैं। सड़कों का डामरीकरण, ओवरब्रिज, अंडरब्रिज और सरकारी भवनों का निर्माण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

सरकार से सीधी मांग

ठेकेदारों ने स्पष्ट कहा है कि सभी स्वीकृत टेंडरों के रेट में तत्काल संशोधन (Rate Revision) किया जाए। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो पूरे प्रदेश में निर्माण कार्य बंद होने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

बढ़ती कीमतें — सरकार की विफलता का सबूत

सामग्री               पहले                        अब

स्टील              ₹5500 / क्विंटल        ₹6500 / क्विंटल

सीमेंट             ₹260 / बोरी               ₹290 / बोरी

डामर               ₹50,000 / टन।          ₹84,000 / टन

एल्युमिनियम      ₹320 / किलो            ₹435 / किलो

गिट्टी                  ₹22 / फीट                ₹40-42 / फीट